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Abraham Lincoln America Ke Ek Mahan President Ka Prernadayak Jivan




Hello Friends 👦👦👨,


                                       अब्राहम लिंकन जो कि अमेरिका के 16 वे राष्ट्रपति बने , दोस्तो सुनने में कितना अच्छा लगता हैं कि कोई राष्ट्रपति बने ,

लेकिन ये कोई जान नही पाता कि आखिर कोई व्यक्ति इस पद तक पहुंचा कैसे ?

दोस्तो अब्राहम लिंकन एक उदाहरण है उन सभी लोगों के लिये जो विश्व मे चाहे कहि भी रह रहे हो या कोई भी भाषा बोलते हो ,

Abraham Lincoln America Ke Ek Mahan President Ka Prernadayak Jivan
Abraham Lincoln America Ke Ek Mahan President Ka Prernadayak Jivan



क्योंकि किसी भी महान व्यक्ति को समझने के लिये उसी देश का होना जरूरी नही ,


तो दोस्तो आज के इस आर्टिकल को यदि आप पढ़ लेते है तो मैं यकीन दिलाता हूँ आपको की आप जीवन मे किसी भी परेशानी से जूझ रहे हो , 

आपको हिम्मत मिलेगी और कुछ नया करने का जज्बा आपमें उभरकर सामने आएगा ।

दोस्तो बात है 12 फरवरी सन 1809 की , जब अब्राहम लिंकन का जन्म अमेरिका के केंटकी में हार्डिंग काउन्टी नाम की एक जगह पर हुआ ।

पिता :-- थॉमस लिंकन

माता :-- नेन्सी लिंकन


दोस्तो छोटे अब्राहम को गरीबी और दुःखो का पहाड़ पैदा होने के साथ ही झेलना पड़ा था ,

अब्राहम के पिता किसान और बढ़ई ( खाती ) दोनों काम करते थे , लेकिन दोस्तो फिर भी उनके परिवार के लिये पर्याप्त नहीं हो पाता था ,

छोटे से अब्राहम का एक छोटा भाई भी था पर वो ज्यादा जी नही पाया , दोस्तो लिंकन परिवार को किसी जमीनी विवाद के कारण उनकी जगह छोड़नी पड़ी,

और 1811 में उनका परिवार नॉब क्रीक फार्म में रहने आ गए ,
पर वहाँ भी एक झगड़े के कारण वो जगह उन्हें छोड़नी पड़ी , 

और अब उनका परिवार इंडियाना के ओहियो नदी के पास जंगल मे रहने लगा ,

दोस्तो 5 अक्टूबर 1818 को छोटे से लिंकन की माँ दुनिया को अलविदा कह गई ।

लिंकन उस वक़्त महज 9 साल के थे , दोस्तो पहले तो गरीबी ओर फिर इतना बड़ा दुःख , 

क्योकि लिंकन को घर की आर्थिक स्थिति के कारण पहले ही स्कूल छोड़ना पड़ा था ,

अब घर का सारा काम और जिम्मेदारी लिंकन की बड़ी बहन " सारा " पर आ गई , पर वो खुद 11 साल की थी ।

लिंकन के पिता ने कुछ जिम्मेदारी समझते हुए एक विधवा से शादी कर ली , जिसके 3 बच्चे पहले से ही थे और उन महिला का नाम " सारा बुश जॉन्सन " था ,

दोस्तो अब आपके दिमाग मे ये ख्याल चाहे थोड़ा सा आया हो लेकिन आया जरूर होगा कि छोटे लिंकन पर तो पहले से ही दुःखो का पहाड़ टूटा हुआ था , और अब ऊपर से सौतेली माँ और आ गई ,

ऐसे और महान लोगों की जीवनी पढ़ने के लिये
यहाँ दिए गए लिंक पर क्लिक करे ::-- 

1. लियोनार्डो दा विन्सी

2. अल्बर्ट आइंस्टीन

3. थॉमस अल्वा एडिसन


लेकिन दोस्तो जरूरी नही की हमेशा दुःख ही मिले ,

जी हाँ फ्रेंड्स लिंकन की सौतेली माँ ने लिंकन को उनकी सग्गी माँ से भी ज्यादा प्यार दिया क्योंकि वो खुद एक माँ थी ,
और छोटे लिंकन का दुःख समझ सकती थी , 

दोस्तो लिंकन की सौतेली माँ ने लिंकन को उनकी पढ़ाई के लिये भी बहुत प्रेरित किया और उनका हर मोड़ पर साथ दिया ,
दोस्तो अब्राहम के पास पढ़ने के लिये पैसे तो थे नही तो वो दूसरे लड़को से किताबे माँग कर पढ़ाई किया करते थे ,

लेकिन उनके पिता को उनका पढ़ाई करना रास नही आता था ,
इसलिए वो अब्राहम पर बहुत ज्यादा गुस्सा होते थे , अब्राहम के पिता का मानना था कि अब्राहम भी उनके साथ घर के कामों में हाथ बटायें , 

और इसी कारण अब्राहम ने बचपन मे सीखे हुए बढ़ई ( खाती ) के हुनर से एक नाव बना ली और नदी में माल इधर से उधर ले जाने का काम करने लगे ।

कुछ दिनों बाद अब्राहम को एक Shop में नोकरी मिल गई , और वही से वो नोकरी के साथ - साथ Law ( वकालत ) की भी पढ़ाई वही बैठकर कर लिया करते थे ,

दोस्तो लिंकन से जुड़ी एक घटना मैं आपको यहाँ सुना देता हूँ कि जब वो उस Shop पर Work करते थे , तब उन्हें पता चला कि नदी पार एक रिटायर्ड जज रहते हैं ,

उनसे शायद उन्हें Law की कुछ बुक्स पढ़ने को मिल जाये ,
तो वो उनके पास गए और उस वक़्त ठंड के कारण बड़ी कठिनाई से उन्होंने उस नदी को पार किया ,

और जज साहब के पास पहुँचे , और उनसे books पढ़ने को देने की request करने लगे ।

जज ने भी उनकी लगन देखते हुए उनको बुक्स दे दी , परन्तु साथ मे उनके घर का थोड़ा घरेलू Work करने को भी कहा ,
और लिंकन ने इस बात को सहर्ष स्वीकार कर लिया , 

क्योकि उन्हें उस काम के बदले वो मंहगी पुस्तके पढ़ने को मिल रही थी , जिन्हें शायद वो कभी खरीद भी नही पाते ।

कुछ दिनों बाद लिंकन को पास ही के पोस्ट ऑफिस में पोस्ट मास्टर की नोकरी मिल गई , जो कि अब्राहम के लिये बहुत खुशी की बात थी ,

इस कारण कई लोग उन्हें जानने लग गए, क्योकि Friends ये बात आप भी समझ सकते होंगे कि उस दशक में इतनी अच्छी पोस्ट की नोकरी मिलना बहुत बड़ी बात है , 

और भारत मे तो ये आज भी बहुत बड़ी बात है ।

कुछ सालों में लिंकन ने सोचा कि यहाँ के लोगों की बहुत सारी समस्याएं हैं , जो कोई नही सुनता और उन्होंने राजनीति मे आने की ठान ली ।

दोस्तो लिंकन का राजनीति में आने का सबसे बड़ा कारण था , दास प्रथा को जड़ से खत्म कर देना , क्योकि उस वक़्त जो लोग दास बनाकर काम के लिये रखे जाते थे , उनके साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया जाता था ।

और ये सब लिंकन से बर्दाश्त नही होता था , उन्होंने इसे खत्म करने का ठान लिया था ।

और इस कारण उन्हें नोकरी छोड़नी पड़ी , उन्होंने MLA ( विधायक ) का चुनाव लड़ा , पर वो बुरी तरह से हार गए , 

उस वक़्त लिंकन को " रुटलेज " नाम की एक लड़की से प्यार हुआ , पर किसी बीमारी के कारण वो लड़की कुछ दिनों बाद ही खत्म हो गई ,

दोस्तो उसकी मौत का काफी गहरा सदमा लिंकन को हुआ था  ,
और क्यो ना हो , अब्राहम ने आज तक दुःख ही तो देखे थे , पहले एक छोटे भाई को खोना और फिर माँ को और अब अपनी प्रेमिका को ।।

उनकी ये मनोस्थिति देखते हुए उनके एक दोस्त " बोलिन ग्रीन " ने उनका मनोबल बढ़ाया और उन्हें फिर से चुनाव लड़ने की प्रेरणा भी दी ,

Abraham Lincoln America Ke Ek Mahan President Ka Prernadayak Jivan
Abraham Lincoln America Ke Ek Mahan President Ka Prernadayak Jivan


दोस्तो लिंकन फिर से दृढ़ निश्चय के साथ चुनाव में खड़े हुए और इस बार वे MLA का चुनाव जीत गए ।

दोस्तो लिंकन उस वक़्त के सबसे युवा विधायक में गिने जाते थे ,
और वहाँ की विधानसभा में भी उनकी एक अच्छी पहचान हो गई थी , क्योकि वे हर मुद्दा बड़ी बेबाकी से सामने रखते थे ,

और इसके साथ ही उन्हें वकालत का License भी मिल गया था , और वो 20 साल तक इसमे रहे , पर वो ज्यादा सफल नही हो पाए क्योकि वो कभी भी गरीबों से उनके केस ( Case ) लड़ने का पैसा नही लेते थे , और ना ही उन्होंने कभी गलत Case को हाथ मे लिया ।


Friends 1842 में लिंकन ने मैरी नाम की एक लड़की से शादी की , और मैरी से उन्हें 4 बच्चे मिले , लेकिन उनमें से सिर्फ एक ही बच्चा जीवित बच पाया ,

सन 1860 में अब्राहम लिंकन ने President पद के लिए चुनाव लड़ा , और वे विजयी हुए , 

6 नवम्बर 1860 को वे America के 16 वे राष्ट्रपति पद के लिये चुने गए , और राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने अमेरिका को गृह - युद्ध की स्थिति से बाहर निकाला , और Bill संशोधन करने के बाद , दास प्रथा को भी समाप्त किया लिंकन ने ,


14 April 1865 को राष्ट्रपति लिंकन और उनकी पत्नी
Washington DC के फोर्ड थियेटर में कोई नाटक देखने आए थे , जहाँ उन्हें एक क्रूर व्यक्ति जॉन विकलस ने गोली मार दी ,

और अगले दिन 15 अप्रैल 1865 को राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन हमेशा के लिये इस दुनिया को अलविदा कह गए ।


दोस्तो लिंकन की दूरदृष्टि वाली सोच आज भी अमेरिका को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है , और पूरा विश्व उनसे कुछ ना कुछ सीखता ही रहा है ,

दोस्तो लिंकन की सोच रही कि किसी भी आने वाली चुनोती से डरो नही , बल्कि उसका डटकर सामना करो , हमेशा गरीबो की मदद करो , 

क्योकि अगर कोई लाचार है तो उसकी सहायता के लिये आगे आओ , उसकी मजबूरी का फायदा मत उठाओ ।


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आपने समय देकर इस आर्टिकल को पढ़ा उसके लिये धन्यवाद 🙏🙏



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2 comments

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Music Masti
admin
7 March 2018 at 05:49 ×

very interesting, good job and thanks for sharing such a good blog.

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Famous Raj
admin
8 March 2018 at 03:16 ×

Thanks Music Masti Sir , For Your Million Comments , And You Share Your Thoughts, Its Good For Us , Always Welcome.🙏

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