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Black Hole Samay Yatra Ka Ek Rasta





Hello Friends , 🤗🤗


                                दोस्तों आज हम बात करेंगे एक ऐसे रहस्यमयी प्रवेश द्वार की जो सुना तो सबने है , लेकिन ज्यादा कोई नही जानता , 

जी हाँ दोस्तों मैं बात कर रहा हूँ - Black Hole की...

दोस्तों आज हमारे इस आर्टिकल में आप वो सभी राज आज जानेंगे जिनसे आप आज तक अनभिज्ञ रहे है,
तो फ्रेंड्स शुरू करते ब्रह्मांड के उस रहस्य का सफर जो आपको एक नए सफर पर ले जाएगा,

और दोस्तों इस सफर की शुरुआत हुई थी केम्ब्रिज के एक प्रोफेसर जॉन मिशेल के द्वारा ।।

जॉन ने ये बात 1783 में लोगों के सामने रखी और उनके बाद 1796 में फ्रांस के एक वैज्ञानिक पियरे साइमन ने अपनी किताब  "The System Of The World " में ब्लैक होल के बारे में दुनिया को जानकारी दी।

Black Hole Samay Yatra Ka Ek Rasta
Black Hole Samay Yatra Ka Ek Rasta


दोस्तों ब्लेक होल ब्रह्मांड में पाया जाने वाला गुरुत्वाकर्षण का एक अटूट शक्तिय उदाहरण है।

दोस्तों मैं एक उदाहरण के साथ आपको ये बताता हूँ -- जैसे मान लो कि हम ब्रह्मांड में किसी वस्तु को कम्प्रेस यानी दबाकर इतना छोटा कर दे , की उसके द्रव्यमान और उसके घनत्व से उसका गुरुत्वाकर्षण इतना अधिक हो जाएगा की उसमे से रोशनी का भी पार निकलना नामुमकिन है ।।

क्योकि दोस्तों वो वस्तु फिर इतनी शक्तिशाली होगी कि उसके गुरुत्वाकर्षण की परिधि में जो भी वस्तु आएगी वो उसे अपने अन्दर खींच लेगा और नष्ट कर देगा ,

कुछ लोगों का कहना ये भी है कि यदि कोई ऐसी वस्तु जो कि ब्लेक होल में प्रवेश भी हो जाये और नष्ट भी ना हो , तो फिर वो वस्तु किसी और ही दुनिया या दूसरे किसी सौरमण्डल में जाकर निकलेगी ।

इसलिये ब्लेक होल को दूसरी दुनिया का प्रवेश द्वार भी कहते है ।।

और ये कैसे बनता है आइये आपको बता देते है,

दोस्तों ब्लेक होल के निर्माण के लिए अब कोई ना कोई वस्तु तो चाहिये ही होती है और वो वस्तु या ऑब्जेक्ट कोई छोटी चीज नही होती है,
जैसे - तारा या तारे।

जी हाँ दोस्तों ब्लैक होल का निर्माण तारो में विस्फोट से ही होता है , जैसे अगर कोई तारा जिसमे की हाइड्रोजन की मात्रा धीरे धीरे समाप्त हो रही हो तो वो अपनी ही खुराक यानी हाइड्रोजन को खत्म कर रहा होता है ,

और इसी कारण तारो में भयानक विस्फोट होता है और ये तारे अपने ही गुरुत्वाकर्षण शक्ति को समेट नही पाते और खुद में ही कम्प्रेस होने लगते है, जिससे कि कई करोड़ो सालों में जाकर Black Hole का निर्माण होता है ।


आइंस्टाइन की स्पेशल थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी के हिसाब से वहाँ टाइम बहुत धीमा चलेगा , जहाँ ब्लेक होल का निर्माण हुआ है , 

दोस्तों इसीलिए बोला जाता है कि पूरे ब्रह्मांड में सभी जगह अलग - अलग टाइम चल रहा होता है,


और ये बात हमारे वेदों और पुराणों से भी हमे पता चलती है कि दूसरे ग्रहों और दूसरी दुनियाओं के समय या Time हमारे यहाँ से या तो तेज होते है या फिर बहुत धीरे होते   है,


दोस्तों आपने सुना होगा कि किसी अन्य ग्रह का 2 दिन पृथ्वी का एक दिन , दोनों बराबर है , और किसी ग्रह का 1 दिन हमारे यहाँ 5 दिन के बराबर होता है ,

यही वो टाइम का गुरुत्वाकर्षण मैनेजमेंट होता है जिसका असर हमारे और दूसरे ग्रहों पर पड़ता है,

लेकिन इसका ब्लैक होल में कोई असर नही होता,


Friends बोला जाता है इस ब्लेक होल के कई ऐसे रहस्य अभी हमे पता लगाना बाकी है जो कि भविष्य की असीम सम्भावनाये पता कर सकते है, कई ऐसे सौर-मण्डल और दूसरे ग्रह है जिनका रास्ता इन्ही ब्लेक होल में से होकर जाता हो, 

पर उस रास्ते को ही पार करना भारी है भाइयों ।

दोस्तों वैज्ञानिकों ने समय यात्रा का एक और उपाय बताता है और वो है वार्म होल ...( Worm Hole )

जी हाँ दोस्तों वार्म होल एक ऐसी यूनिवर्सल ब्रह्मांडीय पॉवर है जो कि एक ब्रह्मांड के दोनों छोर को जोड़ने का कार्य कर सकती है ,

दोस्तों इसको एक उदाहरण के तौर पर देख लेते है -- जैसे कि कोई प्लेन कागज है और आप जानते ही है कि कागज को अगर मोड़ा जाए तो ही वो दोनों सिरे आपस मे जुड़ते है या पास आ पाते है , 

Black Hole Samay Yatra Ka Ek Rasta
Black Hole Samay Yatra Ka Ek Rasta

Black Hole A Way Of Time Travel 2018



अब अगर यही बात Apply हो हमारे आकाश या ब्रह्मांड पर, तो उसमें यदि हम उस वार्म होल को Use कर सके तो हमारी पृथ्वी ब्रह्माण्ड के एक छोर पर है और वो होल एक रास्ता या माध्यम है जो कि ब्रह्मांड को मोड़ने की ताकत रखता है , तो हम दूसरे ही आकाश गंगा में निकल सकते है या फिर ऐसी दुनिया जो हमारे ग्रह से कई गुना बड़ी और 1000 वर्ष आगे हो ,

लेकिन दोस्तों उस वार्म होल तक पहुँचना अभी किसी के बस में नही है क्योंकि वो इतना दूर हो सकता है जहाँ जाने का हमारे पास ईंधन तक नही है या जिसका आविष्कार होना बाकी है ।।


दोस्तों Black Hole में भौतिक विज्ञान के सारे नियम टूट जाते है , जैसे - कोई बोलता है कि भौतिक विज्ञान का नियम ये बात कहता है ओर वो नियम सब जगह लागू होता , क्योकि उसमे तथ्य होता है और वो सत्य होता है ..

परन्तु ब्लैक होल के सामने कोई नियम नही होता , कहने का मतलब ये है दोस्तों की आप भौतिक नियम को साइड में रखो और फिर सोचो कि अब हम कैसे वहाँ तक पहुँच सकते है , तो ही आप कुछ कर पाओगे।

दोस्तों हमारे वैज्ञानिक काफी समय से ब्लैक होल के बारे में खोज कर रहे है , और भविष्य में अगर हुआ तो ब्लैक होल के बारे में और भी विस्तार से जानकारी हमे मिलेगी, या ऐसा भी हो कि विज्ञान हमे दूसरी आकाशगंगा भी दिखा दे ,

जिसमे वहाँ की भी कई सभ्यताएं हमारे से मिलने के इंतजार में हो,


        "  हो ना हो , पर एक दिन ये जरूर होगा "


दोस्तों आप अपनी महत्वपूर्ण राय कमेन्ट करके हमें बता सकते है और ऐसी और भी रहस्यमय घटनाओ के बारे में हमेशा जानने के लिये हमें Subscribe कर सकते है ,

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क्योकि दोस्तों आगे आने वाले दिनों में मैं ब्रह्माण्ड में रह रही सभ्यताओ के बारे में भी आपको बताऊंगा ।।


आपने समय निकाल कर इस ब्रह्माण्डीय खोज के आर्टिकल को पढ़ा , उसके लिये धन्यवाद ☺👍






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