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ISRO Mission Ki Puri Jankari Hindi Me




हेलो Friends ,☺

                          आज हम बात करेंगे , भारत के Indian Space Research Organization यानी ISRO के बारे में , हम बात करेंगे कि कैसे साइकिल और बैलगाड़ी पर हमारे सेटेलाइट एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाये जाते थे ,

दोस्तो चौकिये मत ऐसा हो चुका है , 😱😱

ISRO Mission Ki Puri Jankari Hindi Me
ISRO Mission Ki Puri Jankari Hindi Me


ऐसे और भी कई किस्से जो isro Mission से जुड़े है , और आप लोग उसके बारे में ज्यादा नही जानते होंगे उनके बारे मे आपको इस आर्टिकल में बताया जाएगा ,


तो शुरुआत करते है डॉ. विक्रम साराभाई से , जिन्होंने एक तरह से नई सोच और नीव रखी इसरो की 1969 में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के दिन ,

क्योंकि सर साराभाई का मानना था कि अगर भारत आधुनिकता को नही अपनाएगा , तो दुनिया के साथ कदम मिलाकर नही चल पाएगा ,

और उस वक़्त इस नए कदम की और बढ़ने के कारण ही उन्हें भारत के लिए अंतरिक्ष विज्ञान का जनक भी माना जाता है ,


Indian Space Mission

1.
1963 में भारत ने पहला रॉकेट लॉन्च किया था , परन्तु ये रूस और फ्रांस की मदद से बना था , 

दोस्तो आश्चर्य की बात ये है कि इस रॉकेट को जब लॉन्चिंग पेड पर लाया जाना था , तब इसके पार्ट्स को साइकिल के पीछे रखकर लाया गया था ,

आप सोच सकते है कि हमारे वैज्ञानिकों ने कितने कठिन और अथाह परिश्रम के कारण आज दुनिया को अपना लोहा मनवाया है ,


2.
इसमे कोई शर्म की बात नही की 1981 में एप्पल सेटेलाइट को बैलगाड़ी पर लोड करके लाया गया था , क्योकि उस वक़्त साधनों की कमी थी , इसलिये पौराणिक काल से चले आ रहे उस साधन को अपनाया गया , 

जो आज भी भारत के गाँवो में कही कही पर आवागमन का एक बेहतरीन साधन है ,

Aarybhatta satellite
ISRO Mission Ki Puri Jankari Hindi Me



3.
1975 में जब भारत का पहला उपग्रह आर्यभट्ट छोड़ा गया , तो उस वक़्त लॉन्चिंग के लिये भारत ने रशिया की मदद ली थी ,

वैसे तो aarybhatta satellite , आर्यभट्ट पूर्णरूपेण भारत मे बना था , परन्तु लॉन्चिंग की समस्या को रशिया द्वारा ही दूर किया गया था ,


4.

1980 भारत के लिये एक ऐसा वर्ष साबित हुआ जब रोहिणी जैसे सेटेलाइट को भारत ने पूर्णरूप से बनाने के साथ ही खुद से लॉन्च भी किया था , 
वो भी बिना किसी देश की मदद के ।


5.
वर्ष 2008 चन्द्रयान-1 - India Moon Mission ::---

                                                                 भारत ने चन्द्रयान 1 को सफलतापूर्वक चन्द्रमा पर भेजा , जिसने वहाँ के बारे में काफी कुछ जानकारी हमे दी ,

क्या आपको पता है दोस्तो , भारत दुनिया का वो पहला देश है जिसने चन्द्रयान के द्वारा भेजे गए Data से पता लगाया कि चन्द्रमा पर पानी था ,


6.
अमेरिका ने क्रायोजेनिक इंजन की तकनीक भारत को रूस द्वारा ना दी जाए उसके लिये रूस और भारत दोनों पर प्रतिबंध लगाए थे ,

इस कारण रूस ये Technique भारत को नही दे पाया , लेकिन 2 साल बाद हमारे वैज्ञानिकों ने अथक प्रयास करके क्रायोजेनिक इंजन बना दिया ,

और इस आविष्कार के बाद , अमेरिका की हालत उस बिल्ली से भी ज्यादा बुरी थी , जिसके पास नोचने के लिए कम से कम खम्भा तो होता है ,


7 . 
मंगलयान मिशन - 2013 के सत्य ::---
                                               इस मिशन की सफलता के बाद भारत दुनिया के उन देशों के साथ 4th नम्बर पर आ गया , जिन्होंने मंगल ग्रह पर अभी तक यान प्रक्षेपित किये हैं ,

लेकिन एक मिनट रुकिए दोस्तो , मैं आपको यहाँ ये भी बता दु की वो दूसरे देश हमसे कहि गुना पीछे है इस mars orbiter mission के सामने , 

क्योकि सिर्फ भारत ही पहला ऐसा देश है जो पहली बार मे पूर्ण सफलता के साथ मंगल की कक्षा में 1st time में पहुँचा है , बाकी देशों के तो खूब धुँआ निकला , 

तब कहि जाकर बेचारे मंगल ग्रह का मुंह देख पाए है ,

एक और बात , इस mars orbiter mission यानी मंगलयान मिशन का बजट 450 करोड़ रुपये मात्र था ,

 इसको इस तरह से समझ लेते है कि पृथ्वी से मंगल ग्रह की दूरी है 78 करोड़ किलोमीटर ,

यानी 450 करोड़ रुपये के हिसाब से पृथ्वी से मंगल ग्रह के बीच की दूरी हमे Per किलोमीटर 5.76 रुपये यानी लगभग 6 रुपये per/ कि. मी. की दर से हम मंगल पर पहुँचे है ,


8.
15 February 2017 आंध्रप्रदेश श्रीहरिकोटा ::---
                                                                भारत द्वारा 104 उपग्रह एक साथ छोड़कर दुनिया मे इतने उपग्रह के लिये एक विश्व रिकॉर्ड बना दिया , और प्रथम स्थान पर आ गया ,

इन सब मे भारत के सिर्फ 3 सेटेलाइट और 96 अमेरिका के और बाकी 1 इजरायल का , कजाकिस्तान , नीदरलैंड , स्विट्जरलैंड और यू . ए. ई के थे ,

इसके साथ ही भारत ने रशिया का 3 साल पुराना 37 सेटेलाइट एक साथ छोड़ने का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया ।

बताओ यार हमारे वैज्ञानिकों को कोटि कोटि प्रणाम है

NASA भी बेचारा सोचता होगा कि आखिर ये सब भारत ने किया कैसे होगा ,

NASA से जुड़े और भी रहस्य जानने के लिये दिये गए लिंक पर क्लिक करे 👇👇👇

NASA Ki Rahasyamai Khoj Or Raaj

सोचने दो , हमने जो करना था वो कर दिया और जो हम आने वाले 2 या 3 वर्षो में करने जा रहे है वो तो और भी चोंकाने वाला काम है ,

जानते है उसके बारे में
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आदित्य L-1 ::--- क्या आपको पता है दोस्तो की भारत
                         आने वाले वर्षों में सूर्य पर अपना पहला सेटेलाइट भेजने वाला है ,

जी हाँ Friends ऐसा होने ही वाला है , इस और काम जारी है , और इस सेटेलाइट का नाम रखा गया है , आदित्य L -1 , ये सूर्य के बारे में और भी रोचक जानकारी हमे देगा ,

दोस्तो आपके मन मे ये L -1 को लेकर जरूर सवाल उठ रहा होगा , खासकर साइन्स के विद्यार्थियों के मन मे , तो मैं सभी को ये बता देना चाहता हूँ कि , L -1 का mean होता है Lagrange ,

और अब ये लेगरेंज क्या होती है ??

Lagrange
ISRO Mission Ki Puri Jankari Hindi Me


दोस्तो , पृथ्वी से सूर्य के बीच कुछ ऐसे पॉइंट्स होते है जिन पर ग्रेविटी का ज्यादा प्रभाव नही पड़ता , आप उसे एक रास्ते का नाम दे सकते है जहाँ आपको कोई भी अपनी तरफ नही खिंचेगा ,

यानी इन पॉइंट्स पर यदि कोई यान छोड़ा जाए तो ये दूसरे ग्रहों के ग्रेविटी के ज्यादा प्रभाव में आये बिना ही कम फ्यूल की Help से सूर्य तक पहुँच जाएगा ,

मेने ये Lagrange पॉइंट्स को आप लोंगो के लिये short में समझा दिया है , क्योंकि इसका Deep Knowledge काफी ज्यादा हाइपर हो जाता है ,



लेकिन अगर आप Comment करके पूछेंगे तो मैं बता दूंगा ,
तो दोस्तो आपको हमारे इस ISRO Mission के आर्टिकल से काफी कुछ पुरानी और Letest जानकारी भी मिल गई होगी ,

आपको हमारा ये आर्टिकल कैसा लगा , प्लीज हमे Comment करके बताइयेगा ,

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समय देने के लिये धन्यवाद 🙏🙏




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10 comments

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Ravi
admin
16 March 2018 at 07:06 ×

Like always, great content, Keep up the good work!

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Famous Raj
admin
16 March 2018 at 20:47 ×

Hi Ravi Sir , Thanks For Feedback , It's a Great Comment About My Article...

Thanks Again...

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26 March 2018 at 23:06 ×

Wow ! This is really amazing article.
Thanks for sharing. website designing company in delhi

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Famous Raj
admin
26 March 2018 at 23:15 ×

Bhaskar Joshi Sir , Thanks For Your Greatful Comment For My Article ,

Thanks Again With Us ...

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21 June 2018 at 06:11 ×

apne bahut he badiya jankari share ki hai ISRO par thanks.

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Umesh Ninawe
admin
14 July 2018 at 09:49 ×

Nice Share sir please check my website and review please I'm noobz in blogging GyaniHub.com

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Manish
admin
26 September 2018 at 01:44 ×

Nice ISRO good going

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Raj Akbar
admin
27 September 2018 at 09:32 ×

Very informative and useful article. Thank you for sharing this awesome article.Best of luck. Keep doing the nice work.
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30 September 2018 at 10:48 ×

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